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लागत और बचत

PM सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना: रूफटॉप सोलर सब्सिडी की पूरी जानकारी

PM सूर्य घर में कितनी सब्सिडी मिलती है, कौन पात्र है, कौन-से पैनल मान्य हैं, और पंजीकरण से बैंक खाते में पैसा आने तक आवेदन की पूरी प्रक्रिया।

गजेंद्र ट्रेडिंग कंपनी द्वारा सोलर इंस्टॉलेशन
गजेंद्र ट्रेडिंग कंपनी द्वारा किया गया एक सोलर इंस्टॉलेशन।

PM सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना सबसे बड़ी वजह है कि आज रूफटॉप सोलर घरों के लिए किफ़ायती हो गया है। यह घरेलू सिस्टम की लागत का बड़ा हिस्सा कवर कर सकती है — लेकिन तभी, जब आप पात्रता के नियम पूरे करें और प्रक्रिया सही तरीके से अपनाएँ। यह गाइड बताती है कि आपको कितनी सब्सिडी मिल सकती है, कौन पात्र है, और पंजीकरण से लेकर बैंक खाते में पैसा आने तक हर चरण।

योजना के नियम और राशि बदल सकती हैं। नीचे दिए आँकड़े लिखते समय प्रकाशित योजना पर आधारित हैं — खरीदने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर मौजूदा जानकारी पक्की करें।

आपको कितनी सब्सिडी मिल सकती है?

घरेलू रूफटॉप सोलर के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता इस प्रकार है:

सिस्टम साइज़ केंद्रीय सब्सिडी
1 kW ₹30,000
2 kW ₹60,000
3 kW और उससे ज़्यादा ₹78,000 (अधिकतम)

यानी पहले 2 kW के लिए ₹30,000 प्रति kW, तीसरे kW के लिए ₹18,000, और 3 kW से ऊपर कुछ अतिरिक्त नहीं। ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और रेज़िडेंट वेलफ़ेयर एसोसिएशन लिफ़्ट और गलियारे की लाइट जैसी साझा सुविधाओं के लिए प्रति kW अलग दर पर सहायता ले सकते हैं।

कुछ राज्य उसी सिस्टम पर अपनी अतिरिक्त सहायता भी देते हैं। उदाहरण के लिए, राजस्थान के निवासी लिखते समय ₹17,000 की अतिरिक्त राशि के पात्र हो सकते हैं। अपने इंस्टॉलर से पक्का करें कि आप पर इस समय कौन-से राज्य लाभ लागू हैं।

कौन पात्र है?

घरेलू सब्सिडी के लिए आमतौर पर ये ज़रूरी हैं:

  • आपके नाम (या मकान मालिक के नाम) पर घरेलू बिजली कनेक्शन, वैध उपभोक्ता संख्या के साथ।
  • उपयुक्त छत — सिस्टम के लिए पर्याप्त छाया-रहित जगह वाली अपनी छत।
  • उसी कनेक्शन पर पहले कोई रूफटॉप सोलर सब्सिडी न ली गई हो।
  • ग्रिड से जुड़ा सिस्टम — ऑफ-ग्रिड सिस्टम इसमें शामिल नहीं हैं।
  • पंजीकृत वेंडर — इंस्टॉलेशन आपके DISCOM के लिए राष्ट्रीय पोर्टल पर पंजीकृत वेंडर से होना चाहिए।

कौन-सा उपकरण मान्य है?

यहीं कई आवेदन गड़बड़ा जाते हैं:

  • सोलर पैनल DCR होने चाहिए (Domestic Content Requirement) — यानी देश में बने सोलर सेल से तैयार।
  • पैनल का मॉडल ALMM पर होना चाहिए (Approved List of Models and Manufacturers)।
  • सिस्टम को इन्वर्टर और बाकी उपकरणों के लिए योजना के तकनीकी मानकों पर खरा उतरना चाहिए।

नॉन-DCR पैनल वाले सस्ते कोटेशन से आपकी सब्सिडी रिजेक्ट हो सकती है। भुगतान से पहले पैनल मॉडल, DCR स्थिति और ALMM सूची लिखित में लें। ज़्यादा जानकारी के लिए पढ़ें सोलर पैनल के प्रकार

आवेदन की प्रक्रिया, चरण-दर-चरण

  1. राष्ट्रीय पोर्टल पर पंजीकरण करें। अपना राज्य और DISCOM चुनें, और बिजली उपभोक्ता संख्या, मोबाइल नंबर व ईमेल डालें।
  2. रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन करें। लॉग इन कर आवेदन भरें और जमा करें। आपका DISCOM तकनीकी व्यवहार्यता (feasibility) जाँचता है।
  3. व्यवहार्यता मंज़ूरी पाएँ। मंज़ूरी मिलने पर पोर्टल की सूची से अपने DISCOM का पंजीकृत वेंडर चुनें।
  4. सिस्टम लगवाएँ। आपका वेंडर योग्य DCR उपकरणों से सिस्टम लगाता है।
  5. इंस्टॉलेशन की जानकारी जमा करें। प्लांट की जानकारी अपलोड करें और पोर्टल से नेट मीटर के लिए आवेदन करें।
  6. नेट मीटर लगना और जाँच। DISCOM नेट मीटर लगाता है और सिस्टम की जाँच करता है।
  7. कमीशनिंग सर्टिफ़िकेट। सफल जाँच के बाद पोर्टल पर कमीशनिंग सर्टिफ़िकेट बनता है।
  8. बैंक विवरण जमा करें। पोर्टल पर अपने बैंक खाते का विवरण और कैंसिल चेक डालें।
  9. सब्सिडी जमा। केंद्रीय सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में भेजी जाती है।

एक अच्छा इंस्टॉलर चरण 2 से 7 तक का काम आपके लिए करता है — यह कागज़ी काम उस कीमत का बड़ा हिस्सा है जो आप चुकाते हैं। देखें पूरी इंस्टॉलेशन प्रक्रिया, चरण-दर-चरण

योजना के तहत रियायती लोन

अगर आप पूरी रकम एक साथ नहीं देना चाहते, तो सरकारी बैंक इस योजना के तहत रूफटॉप सोलर के लिए लोन देते हैं। छोटे घरेलू सिस्टम के लिए ये आमतौर पर बिना गारंटी और रियायती ब्याज दर पर रहे हैं। दरें और सीमाएँ बैंक तय करते हैं, इसलिए आवेदन से पहले विकल्पों की तुलना करें। देखें सोलर लोन बनाम नकद बनाम लीज़

सब्सिडी में देरी या रिजेक्शन के आम कारण

  • नॉन-DCR पैनल, या ऐसा पैनल मॉडल जो ALMM पर नहीं है
  • व्यवहार्यता मंज़ूरी से पहले इंस्टॉलेशन कर देना
  • ऐसे वेंडर से काम कराना जो आपके DISCOM के लिए पंजीकृत नहीं है
  • बिजली कनेक्शन, आवेदन और बैंक खाते में नाम का मेल न होना
  • इंस्टॉलेशन के बाद अधूरी फ़ोटो या दस्तावेज़ अपलोड करना

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सब्सिडी मुझे मिलती है या इंस्टॉलर को?

यह सीधे आपके बैंक खाते में आती है। आप इंस्टॉलर को सिस्टम की पूरी कीमत चुकाते हैं, और कमीशनिंग व पोर्टल पर मंज़ूरी के बाद सब्सिडी आती है।

क्या 5 kW सिस्टम पर 3 kW से ज़्यादा सब्सिडी मिलती है?

नहीं। 3 kW और उससे बड़े घरेलू सिस्टम पर केंद्रीय सब्सिडी ₹78,000 पर सीमित है। ज़्यादा खपत हो तो बड़ा सिस्टम फिर भी समझदारी हो सकता है, लेकिन सब्सिडी वही रहती है।

क्या किराए के घर में रहते हुए सब्सिडी ली जा सकती है?

आवेदन बिजली कनेक्शन और छत से जुड़ा है। किरायेदारों को आमतौर पर मकान मालिक की सहमति और कनेक्शन की जानकारी चाहिए, जो व्यवहार में मुश्किल होता है। अपनी स्थिति के बारे में DISCOM या इंस्टॉलर से बात करें।

पूरी प्रक्रिया में कितना समय लगता है?

यह DISCOM के काम के बोझ पर निर्भर करता है। इंस्टॉलेशन कुछ दिनों में हो जाता है, लेकिन मंज़ूरी, नेट मीटर लगने और सब्सिडी आने में कुल मिलाकर कई हफ़्ते लग सकते हैं। जल्दी शुरुआत और अनुभवी वेंडर से देरी कम रहती है।